पटना, 27 अप्रैल 2026 — बिहार की राजधानी पटना से सामने आए 10 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले को पुलिस ने महज 72 घंटे में सुलझा लिया। शुरुआती दौर में यह पूरी तरह ब्लाइंड केस था, लेकिन सूझबूझ, तकनीकी जांच और डॉग स्क्वॉड की मदद से आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ।
स्कूल के लिए निकली, अगली सुबह मिला शव
घटना 22 अप्रैल की है, जब बच्ची घर से स्कूल जाने से पहले पास की दुकान पर दूध लेने निकली थी। इसके बाद वह न तो स्कूल पहुंची और न ही घर लौटी। अगले दिन सुबह गली में कंबल में लिपटा उसका शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
डॉग स्क्वॉड से मिला सुराग, आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान कूड़े में बच्ची की चप्पल और कपड़े मिलने के बाद केस ने नया मोड़ लिया। डॉग स्क्वॉड के ‘सिम्बा’ ने सूंघते हुए पुलिस को सीधे संदिग्ध के घर तक पहुंचाया, जहां से अहम सबूत बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पहले बच्ची से पहचान बनाई और फिर बहाने से अपने घर बुलाया। विरोध करने पर उसने हमला कर दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई। बाद में वह शव को ठिकाने लगाने निकला, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से घबराकर गली में छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस की तेजी से कार्रवाई
Kartikeya Sharma के नेतृत्व में पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड ने मिलकर इस केस को सुलझाया। आरोपी को उसी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे जुड़े सबूत भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अन्य पहलुओं की पुष्टि की जाएगी।

