चेन्नई, 8 मई 2026 — तमिल सिनेमा के सुपरस्टार Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या विजय अपनी लोकप्रियता को वोटों में बदलकर वही सफलता हासिल कर पाएंगे, जो कभी Aam Aadmi Party ने दिल्ली में हासिल की थी, या फिर स्टारडम और आंदोलन की राजनीति के बीच का फर्क उनकी राह मुश्किल बना देगा।
TVK ने कम समय में युवाओं और विजय के प्रशंसकों के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। बड़ी रैलियों और सोशल मीडिया पर पार्टी की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिर्फ स्टार पावर चुनावी जीत की गारंटी नहीं होती। AAP की सफलता के पीछे लंबे समय तक चला भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन, जमीनी संगठन और लगातार जनसंपर्क अभियान था, जबकि TVK अभी शुरुआती राजनीतिक संरचना तैयार करने के दौर में है।
तमिलनाडु की राजनीति भी दिल्ली से काफी अलग मानी जाती है। यहां लंबे समय से Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) जैसी क्षेत्रीय पार्टियों का मजबूत आधार रहा है। ऐसे में TVK के सामने सिर्फ लोकप्रियता नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने और स्थायी वोट बैंक तैयार करने की चुनौती है।
हालांकि विजय की साफ-सुथरी छवि और युवाओं में उनकी पकड़ TVK को शुरुआती बढ़त जरूर देती है। पार्टी लगातार शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाकर खुद को वैकल्पिक राजनीति के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनाव यह तय करेंगे कि TVK सिर्फ स्टारडम की लहर है या फिर दक्षिण भारतीय राजनीति में एक नई ताकत बनकर उभर सकती है।

