रायपुर, 12 जून 2026 — छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि इस कानून को लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। सरकार के अनुसार, नए कानून से कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और लालफीताशाही में कमी आएगी। वहीं कांग्रेस ने विधेयक का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि इसे बिना पर्याप्त चर्चा और जल्दबाजी में पारित किया गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Lakhan Lal Dewangan ने विधानसभा में विधेयक पेश किया। चर्चा के बाद कुछ संशोधनों के साथ सदन ने इसे पारित कर दिया। भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने कहा कि यह कानून भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच नए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने नियम लागू होने के बाद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लिए जागरूकता सेमिनार आयोजित करने का भी सुझाव दिया, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया।
वहीं कांग्रेस विधायक Daleshwar Sahu ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसे पर्याप्त चर्चा और सभी पक्षों से सलाह लिए बिना सदन में लाया गया। उनका कहना था कि इस कानून से कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और छोटे उद्यमियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार का कहना है कि इस कानून के लागू होने के बाद आठ विभागों की 43 सेवाओं को आसान प्रक्रिया के दायरे में लाया जाएगा। कम जोखिम वाले कारोबारों के लिए कागजी कार्रवाई घटेगी, कई मामलों में सेल्फ सर्टिफिकेशन को मान्यता मिलेगी और बड़े निवेश वाले उद्योगों को तय समय सीमा में मंजूरी नहीं मिलने पर डीम्ड अप्रूवल (स्वतः अनुमति) का प्रावधान भी लागू होगा। इसके अलावा लाइसेंस और अनुमतियों के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में सरल बनाई जाएगी।
सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से प्रदेश के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) को लाभ मिलेगा। साथ ही निवेश बढ़ने, नए उद्योग स्थापित होने और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

