रायपुर, 12 जून 2026 — विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेशवासियों से बाल श्रम मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलना चाहिए, यही एक संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने अपने X पोस्ट में लिखा, “हर बच्चे को मिले शिक्षा, सुरक्षा और सपनों को साकार करने का अवसर — यही एक संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आइए, बाल श्रम मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें।”
https://x.com/vishnudsai/status/2065283848783753477?s=20
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हर वर्ष 12 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और बच्चों को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन का अधिकार दिलाना है। International Labour Organization (ILO) ने वर्ष 2002 में इसकी शुरुआत की थी। वर्ष 2026 की थीम “Red Card to Child Labour: Fair Play for Children, Decent Work for Adults” रखी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक असमानता बाल श्रम के प्रमुख कारण हैं। बाल श्रम न केवल बच्चों की शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर भी नकारात्मक असर डालता है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में सबसे प्रभावी कदम हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल और खेल के मैदान हैं, न कि कार्यस्थल। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें बेहतर भविष्य देने के लिए आगे आने का आह्वान किया।

