भारतीय फोटो पत्रकारिता के सबसे बड़े नामों में शुमार रघु राय अब हमारे बीच नहीं रहे। 83 वर्ष की आयु में उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसने आखिरकार उनकी जीवन यात्रा को विराम दे दिया।
परिवार ने दी ये जानकारी
परिवार के अनुसार, करीब दो साल पहले उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का पता चला था। शुरुआती इलाज के बाद वह ठीक भी हुए, लेकिन बाद में यह बीमारी शरीर के अन्य हिस्सों में फैलती चली गई और अंततः मस्तिष्क तक पहुंच गई। उम्र से जुड़ी समस्याओं ने भी उनकी हालत को और गंभीर बना दिया।
रघु राय ने अपने कैमरे के ज़रिए भारत की बदलती तस्वीर को दुनिया के सामने रखा। उनकी तस्वीरें सिर्फ तस्वीरें नहीं, बल्कि आधुनिक भारत का जीवंत दस्तावेज़ मानी जाती हैं। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी जैसे दर्दनाक पलों को भी अपने कैमरे में कैद किया।

उन्होंने कई बड़ी हस्तियों के जीवन के अनछुए पहलुओं को भी तस्वीरों में उतारा, जिनमें मदर टेरेसा और इंदिरा गांधी शामिल हैं।
ये रहा उनका करियर
करियर के दौरान वह 1982 से 1992 तक India Today में डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी रहे। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई और World Press Photo की जूरी का हिस्सा भी रहे।
फ्रांसीसी फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसों ने उनके काम से प्रभावित होकर 1977 में उन्हें Magnum Photos से जुड़ने की सिफारिश की थी—जो किसी भी फोटोग्राफर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
रघु राय का जाना न सिर्फ कला जगत, बल्कि पत्रकारिता और इतिहास के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है। उनकी तस्वीरें आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक प्रेरणा और दस्तावेज़ बनी रहेंगी।

